गुरुवार, 15 अप्रैल 2010

बेगानी शादी में...

टेनिस स्टार सानिया मिर्जा और पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक की हैदराबाद में हुई शादी में घराती और बाराती दोनों परिवारों से भी उत्साहित कोई था तो इलेक्ट्रोनिक मीडिया। टीवी चैनलों की हालत इस शादी में ऐसी थी जैसे बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना। शादी से ठीक पहले जब शोएब की पहली पत्नी आएशा का मामला गरमाया हुआ था तब सानिया के घर के बाहर का आलम यह था कि न्यूज चैनलों की 28 से भी ज्यादा ओबी वेन का मजमा लगा हुआ था। पूरे मौहल्ले में जहां तहां ओबी वेन, चैनलों के रिपोर्टर, कैमरा यूनिट इस तरह छितराए हुए थे कि मौहल्ले में बस वे लोग ही नजर आ रहे थे। जैसे ही सानिया के घर के अन्दर से बाहर की ओर किसी के आने की आहट होती वैसे ही चैनलनवीस बाइट के लिए झपट पड़ते। इससे बचने के लिए सानिया के परिजनो को शादी तक एक पीआरओ लगाना पड़ा। यह निश्चित तौर पर एक खबर है कि भारत की टेनिस स्टार की शादी है। निश्चित तौर पर यह एक सेलीब्रिटी शादी है इसलिए यह बड़ी खबर है लेकिन क्या इतनी बड़ी खबर है कि दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ जवानों पर नक्सली हमले की खबर इस खबर के सामने बौनी दिखाई पड़ी। शादी का समारोह जितने दिन भी चला उस दौरान देश में और भी कई घटनाएं घटी लेकिन इस शादी को जो कवरेज मिला उतना किसी और खबर को नहीं मिला। हम दर्शकों को खबर परोसते है। कई खबरें अंडर प्ले तो कई ओवर प्ले होती है यह सब स्वाभाविक भी है लेकिन टीआरपी की प्रतिस्पर्द्धा में यदि हम उन खबरों को भी अतिशयोक्तिपूर्ण ढंग से दिखा दें जिसके बारे में हमे खुद पूरी जानकारी नहीं है ओर ना ही हमें जिस के कवरेज के लिए प्रवेश की अनुमति है तो निश्चत तौर पर इस तरह की खबरों को लगातार देख कर दर्शक अपना सिर नोच लेगा।

9 टिप्‍पणियां:

  1. नमस्‍कार कुंजन जी

    आपने बिलकुल सही और निष्‍पक्ष बात कही है कि मीडिया को अपने टीआरपी के लिये ऐसी खबरों से बचना चाहिये जो देश और आम आदमी के लिये महत्‍व नहीं रखती या महत्‍वपूर्ण नहीं है। अगर सानिया मिर्जा की शादी के मुद्धे से महत्‍वपूर्ण और भी मुद्धे हैं पर अधिकतर न्‍यूज चैनल ब्रेकिंग न्‍यूज के बहाने ना जाने क्‍या-क्‍या परोसते रहते हैं।

    इस विषस पर आपका पहल बेहद अच्‍छा लगा। बधाई और आभार ।।


    सादर

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  2. bhai kunjan ji,
    jai rajasthani-jai rajasthan!
    elctonic media par aapki bewak tippni kabil-e-tareef hai.aaj e.media shadiyon ki vediography hi kar raha hai.kabhi esh,kabhi shilpa to kabhi saniya mirza ki shadi.mano is desh me inki shadi hi sab se badi samsya hai.gareebi,bhukhmari,mahangai,bhristachaar,pani ki killat,mahila aarakshan bill,gurzar aarakshan,rajasthani bhash ki manyta or jan pratinidhiyon dwara apna vetan khud hi badha lena jaisi samsyayen inko dikhti hi nahin.

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  3. bhai kunjan ji,
    apni 5-7 hindi kavitayen or ek photo e-mail se aakharkalash.blogspot.com ko bhej deven.narender vyas ko

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  4. बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  5. Sarwapratham aap swayam ek media person hain..or aapne is baat ko samjha ye apne aap me sarahneeya hai...par vidambna to ye hai ki is baat ko sarvjansamanya janta bhi samajhti hai or media person bhi... lekin is puri samajh ko khangalna jaroori hai ki aakhir ye sab samjhte hue media har bar aisa kyo karti hai....kahi na kahi ab media ko lagne laga hai ki viewer bhi yahi sab dekhna chahta hai.. or ismain pramukh karan sirf kuch TRP ki paane ki pratispardha...jo aise chand gharon me hoti hain...jahan samajik samsyaon ka koi mol nahi hota......
    shayad aapko wo sipahi bhi yaad hoga jisne sarkari numaindo or apne aapko desh ka choutha stambh kehne wale patrakaron ke samne tadap tadap ke dum tod diya tha....
    jo hamre patrakar bandhuon ke liye sirf 1 achhi coverage thi...or datewada ki tarah hi ...yahan bhi wahi ladai hai apno se apno ki.....or kiski jaan ko kitni kimat par TRP ke liye bhunana hai ye hamari media bakhubi janti hai.....to bus ho gaya na media ka naya naam...patrkarita ka dhandha....

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  6. बहुत ठीक कहा आपने मेवाडी में कहावत है - कन्‍नी रांड मरे और किने हपना आवे

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  7. Hi Kunjan!
    Tumhara Blog padh kar bahut hi achha laga. Bahut khub........Keep it up.

    Best Regards,
    Vibhuti Pandya

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  8. Hello sir!!
    Read it twice...very nice effort..
    we are very lucky to have a teacher-cum-guide like you around us..!!

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  9. helloo Sir,

    What u write is 100% true....
    aaj media kewal TRP tak seemit reh gaya hai, media ko uske aage aur kuch nazar nahi aata . Aaj comp. ka zamana hai, but us comp. mein jeetne ke liye hume apne kartavyo ko nahi bhoolna chahiye...aur ye bhi sach hai ki media bhi wahi dikhana chahta hai jo darshak dekhna chahte hai...

    regards
    sakshi

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